जो दूसरों की हैं,कवितायें हैं। जो मेरी हैं, -वितायें हैं। आगे के खालीपन में 'स' लगे, 'क' लगे, कुछ और लगे या खाली ही रहे; परवाह नही। ... प्रवाह को बस शब्द देता हूँ।