जो दूसरों की हैं,कवितायें हैं। जो मेरी हैं, -वितायें हैं। आगे के खालीपन में 'स' लगे, 'क' लगे, कुछ और लगे या खाली ही रहे; परवाह नही। ... प्रवाह को बस शब्द देता हूँ।
@साँसो के तार धार, चुम्बन अधर बार बार, गन्ध मिलन दो विराम, मीत रचो गीत आज। पर गीत अधूरा क्यों...... @ चुम्बन अधर बार बार,...............गन्ध मिलन दो विराम, मीत रचो गीत आज। प्रणय गीत..........???मैं कहाँ तक समझा .. कल की विद्वत टीप बता पाएंगी.
कोई मुझे भी पुकारे गीत रचने को।
सुंदर -सरल शब्दों में मन के उलझे -सुलझे भावों की बेहद सहज अभिव्यक्ति .
@साँसो के तार धार, चुम्बन अधर बार बार, गन्ध मिलन दो विराम, मीत रचो गीत आज।
प्रत्युत्तर देंहटाएंपर गीत अधूरा क्यों......
@ चुम्बन अधर बार बार,
...............
गन्ध मिलन दो विराम,
मीत रचो गीत आज।
प्रणय गीत..........???
मैं कहाँ तक समझा .. कल की विद्वत टीप बता पाएंगी.
कोई मुझे भी पुकारे गीत रचने को।
प्रत्युत्तर देंहटाएंसुंदर -सरल शब्दों में मन के उलझे -सुलझे भावों की बेहद सहज अभिव्यक्ति .
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