ये डण्डे का फंडा है
आदमी रहता चंगा है।
डंडे से भौकी पिटवाओ
डंडे को तेल लगाओ
डंडा कभी न मन्दा है,
मालिक इसका अन्धा है।
डंडा पाते नेता लोग
उलटी करते नेता लोग
चाटे उसको जन्ता है
डंडा बड़का बंका है।
डंडे ने तेल पेरवाया
कोल्हू से जीवन घबराया
साँड़ हुए सब बैला हैं
अँड़ुवा भर भर थैला है।
डण्डे ने पारक बनवाया
खेतों से सब मेंड़ उड़ाया
चलती उन पर लैला हैं
पाँव में उनके छैला हैं।
डंडा नाचे चौराहे पर
आँखें फूटीं चौराहे पर
लुटता जन जन अन्धा है
डण्डा माँगे चन्दा है।
आदमी रहता चंगा है।
डंडे से भौकी पिटवाओ
डंडे को तेल लगाओ
डंडा कभी न मन्दा है,
मालिक इसका अन्धा है।
डंडा पाते नेता लोग
उलटी करते नेता लोग
चाटे उसको जन्ता है
डंडा बड़का बंका है।
डंडे ने तेल पेरवाया
कोल्हू से जीवन घबराया
साँड़ हुए सब बैला हैं
अँड़ुवा भर भर थैला है।
डण्डे ने पारक बनवाया
खेतों से सब मेंड़ उड़ाया
चलती उन पर लैला हैं
पाँव में उनके छैला हैं।
डंडा नाचे चौराहे पर
आँखें फूटीं चौराहे पर
लुटता जन जन अन्धा है
डण्डा माँगे चन्दा है।