मालिश - स्वस्थ तन
दुलार, डाँट - स्वस्थ मन।
प्रथम चुम्बन - सृष्टि लास्य का पाठ
निहाल होना - जीवन में उद्देश्य
रूठना - संसार से निपटने के सूत्र
समर्पण - स्वार्थ से मुक्ति
प्रसव - बचपन वापस।
साथ साथ चुप चाप - मनन
चश्मा ढूँढ़ना - बुढ़ापे की लाठी।
मरण - जीवन सिद्धि।
दाह संस्कार - फेरों की कसम।
तन मन
लास्य
उद्देश्य
सूत्र
मुक्ति
बचपन
मनन
बुढ़ापा
सिद्धि।
चुप प्रतीक्षा में हूँ
हँसा हूँ
तुम्हारे साथ
कैसे बिता दिया स्वयं को!
नारी!
चुप प्रतीक्षा में हूँ
तुम्हारा एक स्पर्श बाकी है -
दाह से मुक्तिदायी
हिम शीतल।
तुम्हारे साथ

